DEEWANGI (INCEST) दीवानगी compleet

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jay
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DEEWANGI (INCEST) दीवानगी compleet

Post by jay » 21 Feb 2015 14:45



दीवानगी (इन्सेस्ट)

दोस्तो वैसे तो मेरी कई कहानियाँ रनिंग मे हैं फिर भी एक और नई कहानी शुरू कर रहा हूँ
आशा करता हूँ इस कहानी को भी आपका पूरा प्यार मिलेगा
दोस्तो मैं एक अड्वान्स फॅमिली से हू जहाँ 21 सेंचुरी के रूल्स फॉलो होते है स्टोरी को तो
कही से भी स्टार्ट किया जा सकता है किंतु यह स्टोरी मैं वहाँ से स्टार्ट कर रहा हू जहा पर मेरे दोस्त
अंकुर के कामीनेपन का मुझे पता चला और ना जाने कैसे उसका कमीनपन मेरे अंदर भी जगह बनाने लगा,
यह कमीनपन तो जारी रहता लेकिन मैं यह नही जानता था कि कोई ऐसा अंजाना सा तूफान बिल्कुल मेरे करीब
बहुत ही धीमी गति से चला आ रहा है जो सब कुछ तबाह कर देता, अगर खुदा मुझे सही वक़्त पर होश
मे ना लाता, कहानी थोड़ी लंबी है और किरदार भी ज़्यादा है पर पॅशन रखिएगा, आइ होप आपको पसंद
आएगी


शाम के 7 बजे मेरे दोस्त अंकुर के घर की छत पर
अंकुर : देख रवि मैं तुझे समझा रहा हू कि जतिन से ज़्यादा दोस्ती मत रख वह हमारे टाइप का आदमी नही
है तू नही जानता वह कई ग़लत कामो मे भी लिप्त है ऐसा ना हो कि तुझे लेने के देने पड़ जाए मैं तेरा
बचपन का दोस्त हू इसलिए तुझे समझा रहा हू,
रवि : यार उसके ग़लत धंधो से मुझे क्या लेना देना, अब वह अगर मुझ पर जान छिड़कता है तो मैं कैसे
उसे अवाय्ड कर दू,
अंकुर : अब मैं तुझे क्या बताऊ, तू तो एक नंबर. का चूतिया है
रवि : गुस्से से चल जाने दे मैं चूतिया हू और तू साले मेरा बाप है जो बड़ा समझदार है
अंकुर : अबे मेरा मूह मत खुलवा नही तो तेरी ही गंद मे मिर्ची लग जाएगी, तुझे क्या पता कि वह तुझे
इतना भाव क्यो देता है
रवि : हाँ तो बता ना
अंकुर : रहने दे अभी तू मूह फूला लेगा और उसके चक्कर मे मुझसे बोलना बंद कर देगा
रवि : ऐसी कौन सी बात है मैं भी तो जानू
अंकुर : अबे चूतिए वह तुझे पटाकर तेरी दीदी रिया की मोटी गंद मारने के चक्कर मे है
रवि : ये क्या बोल रहा है अंकुर, मेरे चेहरे पर कठोर भाव आ चुके थे
अंकुर : वही जो तू सुन रहा है
रवि : भोसड़ी के मूह संभाल कर बात कर
अंकुर : अच्छा तुझे यकीन नही आ रहा ना ले मैं अभी तुझे यकीन दिला देता हू पर एक शर्त है
रवि : क्या शर्त
अंकुर : तू जतिन पर बिल्कुल भी गुस्सा नही होगा और कल से उससे दोस्ती ख़तम कर लेगा
रवि : अगर तेरी बात सही है तो मैं उसकी मा चोद दूँगा
अंकुर : बस तेरी यही गडमारी बातो की वजह से मैं तुझे कोई बात बताता नही हू
रवि : कुछ सोचते हुए, अच्छा ठीक है जैसा तू कहेगा मैं वैसा ही करूँगा अब बता

अंकुर : अच्छा अब चुपचाप बैठ और सुन
अंकुर ने अपने सेल से जतिन को कॉल किया और स्पीकर ऑन कर दिया
अंकुर : हेलो जतिन भाई कैसे हो
जतिन : बस प्यारे मैं तो बढ़िया हू तू बता आज कैसे मुझे फोन लगा लिया
अंकुर : अरे भाई अब क्या बताऊ बस पड़े पड़े सेक्सी लोंड़ीयो को नेट पर देख रहा था तो तुम्हारी याद आ गई
कि तुमने गजब माल पटा पटा कर चोदे है पर हमसे तो एक भी नही पटती है
जतिन : लोड्‍े लोंड़िया पटाने के लिए स्किल होनी चाहिए
अंकुर : भाई कही मेरा भी जुगाड़ करवा दो ना
जतिन : फोकट मे जुगाड़ नही होता प्यारे माल चोदने के लिए माल खर्च करना पड़ता है
अंकुर : अच्छा भाई तुम तो इतने एक्सपर्ट हो पर यह बताओ ऐसा कोई माल है जिसकी गुदाज और मोटी गंद ने तुम्हे
काफ़ी समय से पागल कर रखा हो और तुम अभी तक उसे छु भी नही पाए हो
जतिन : मुस्कुराते हुए, अबे साले आज तो तूने मेरी दुखती रग पर हाथ रख दिया पर चल कोई बात नही बता
देता हू लेकिन यह बात राज ही रहनी चाहिए नही तो तू मेरा नेचर तो जानता है जिस पर भेजा खिसक जाए तो
फिर वह मेरा बाप भी हो तो उसकी मा चोदते मुझे देर नही लगती
अंकुर : भाई आप की बात राज ना रख कर मुझे मरना थोड़े ही है
जतिन : यार क्या बताऊ तुझे तेरा वो दोस्त है ना रवि उसकी बहन रिया के भारी चुतडो ने मेरी नींद उड़ा कर
रख दी है, उसके मोटे मोटे चुतडो मे अपना लंड पेलने के लिए मैं मरा जा रहा हू पर उसे पटाने का कोई
उपाय समझ नही आता, जब सुबह सुबह वह रवि के साथ कॉलेज आती है तो उसके चुतडो की मस्त थिरकन देख
कर मेरा लंड पेंट फाड़ने को तैयार हो जाता है, तूने देखा है ना उसकी गुदाज और कातिल जवानी कितनी मस्त है
उसके 38 के बोबे और 40 की मोटी गंद ने मेरा दिमाग़ हिला कर रख दिया है, सच कहु अंकुर वो तेरा दोस्त रवि तो
महा चूतिया है अगर उसकी जगह मैं रिया का भाई होता तो ऐसी मदमस्त जवान बहन को रोज पूरी रात नंगी करके
खूब कस कस कर उसकी मोटी गंद और गुलाबी चूत चोदता पर क्या करे किस्मत खराब है

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(ज़िन्दगी एक सफ़र है बेगाना running.......).
(वक्त का तमाशा running)..
(ज़िद (जो चाहा वो पाया) complete).
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


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(कोई तो रोक लो)
(ननद की ट्रैनिंग compleet)..............( सियासत और साजिश)..........(सोलहवां सावन)...........(जोरू का गुलाम या जे के जी).........(मेरा प्यार मेरी सौतेली माँ और बेहन)........(कैसे भड़की मेरे जिस्म की प्यास)........(काले जादू की दुनिया)....................(वो शाम कुछ अजीब थी)

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jay
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Re: DEEWANGI (INCEST) दीवानगी

Post by jay » 21 Feb 2015 14:46


मेरे चेहरे पर गुस्से के भाव थे पर अंकुर मुझे बिल्कुल चुप रहने का इशारा करता हुआ उससे बात कर रहा था,
आख़िर मे अंकुर ने फोन कट किया और मैं बोल पड़ा यार अंकुर मैं इसकी मा चोद दूँगा बहन्चोद की फिर उसके बाद
चाहे जो हो
अंकुर : देख भाई मेरी बात ध्यान से सुन सबसे पहली बात तो उससे दूरिया बना ले और दूसरी बात इतना गुस्सा करने की
ज़रूरत नही है वह कोई अकेला ऐसा बंदा नही है जो दूसरे की मा बहनो को चोदने की नज़र से देखता है ऐसे
कई लोग है अब हम सब के बारे मे तो नही जान सकते ना
रवि : यार मेरा दिमाग़ उस मा के लोड्‍े के लिए बहुत खराब हो रहा है
अंकुर : चल अब अपना मूड खराब मत कर, आज मैं तुझे पार्टी दे देता हू
रवि : मुस्कुराते हुए क्या बात है लगता है आज तू दारू सारू पिलाने के मूड मे है
अंकुर : अबे तेरे लिए दारू क्या बड़ी बात है
रवि : लेकिन यहाँ तेरे घर मे कैसे पिएगे तेरी मोम नाराज़ होगी तो
अंकुर चिंता मत कर मेरे मोम डॅड दोनो बाहर गये है कल आएगे अब तू बस अपने घर फोन करके बता दे कि तू
आज मेरे यही सोएगा

मैने तुरंत फोन किया और रिया दीदी ने फोन उठाया वह मुझसे 2 साल बड़ी थी इसलिए मैं उसे दीदी ही कहता था,

रवि : दी आज मैं अंकुर के यही रुक रहा हू तुम मोम को बता देना
रिया : अरे रवि तेरा वह अंकुर तो बिगड़ कर ढूल हो गया है और उसने तुझे भी बिगाड़ दिया है मैं जानती हू तुम
दोनो का पीने का प्रोग्राम होगा
रवि : मुस्कुराते हुए अब जानती हो तो बोलती क्यो हो
रिया : लगता है आज मोम को मैं बता ही दू कि तू ड्रिंक करने लगा है
रवि : मुश्कूराते हुए, मैं जानता हू कि तुम यह कभी नही बताओगि, मेरी स्वीट डार्लिंग सिस
रिया : मंद मंद मुश्कूराते हुए, चल मस्का मत लगा, तू जानता है कि तेरी ग़लतिया तेरी दीदी किसी को बताती
नही है इसीलिए तू इतना बिगड़ गया है
रवि : मुस्कुराते हुए, इसका मतलब यह है दी कि तुम्ही ने मुझे बिगाड़ा है
रिया : मैने बिगाड़ा है तो मैं सुधारना भी जानती हू
रवि : दीदी मैं तो और भी बिगड़ता जा रहा हू तुम्हारे साथ रह रह कर
रिया : क्या मैं खुद बिगड़ी हुई हू जो तुझे बिगाड़ूँगी
रवि : मुझे क्या पता तुम मुझे बताती ही कहाँ हो
रिया : ओये मैं कोई बिगड़ी नही हू वो भी तेरी तरह
रवि : हँसते हुए वो तो वक़्त बताएगा कि तुम बिगड़ी हो या नही, अगर नही बिगड़ी होगी तो मैं तुम्हे बिगाड़ दूँगा
रिया : मुश्कूराते हुए क्यो मुझे भी अपने जैसा बनाना चाहता है क्या,
रवि : बन जाओ दीदी फिर हम दोनो मिल के मौज करेंगे
रिया : मंद मंद मुश्कूराते चल अब ज़्यादा बाते ना बना मुझे नही करना तेरे साथ मौज, खाना खा लेना और
टाइम पर कॉलेज पहुच जाना
रवि : ओके दीदी

अंकुर : रवि तू टीवी देख मैं 10 मिनिट मे नहा कर आता हू,
रवि : अबे जल्दी आना नही तो मैं बोर हो जाउन्गा
अंकुर : एक काम कर जब तक मैं नहाता हू तब तक तू मेरे पीसी पर एक फॅमिली फोल्डर है उसके पिक्स देख
रवि : हाँ यह ठीक रहेगा, तू जल्दी नहा ले मैं पीने की भी व्यवस्था जमाता हू
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Re: DEEWANGI (INCEST) दीवानगी

Post by jay » 21 Feb 2015 14:46

dosto mai ek advance family se hu jaha 21 century ke rules follow hote hai story ko to
kahi se bhi start kiya ja sakta hai kintu yah story mai vaha se start kar raha hu jaha par mere dost
ankur ke kaminepan ka mujhe pata chala aur na jane kaise uska kaminapan mere andar bhi jagah banane laga,
yah kaminapan to jari rahta lekin mai yah nahi janta tha ki koi aisa anjana sa tufan bilkul mere karib
bahut hi dhimi gati se chala aa raha hai jo sab kuch tabah kar deta, agar khuda mujhe sahi waqt par hosh
mai na lata, kahani thodi lambi hai aur kirdar bhi jyada hai par passion rakhiyega, i hope aapko pasand
aayegi


sham ke 7 baje mere dost ankur ke ghar ki chhat par
ankur : dekh ravi mai tujhe samjha raha hu ki jatin se jyada dosti mat rakh vah hamare type ka aadmi nahi
hai tu nahi janta vah kai galat kamo mai bhi lipt hai aisa na ho ki tujhe lene ke dene pad jaye mai tera
bachpan ka dost hu isliye tujhe samjha raha hu,
ravi : yaar uske galat dhandho se mujhe kya lena dena, ab vah agar mujh par jan chidkta hai to mai kaise
use avoid kar du,
ankur : ab mai tujhe kya batau, tu to ek no. ka chutiya hai
ravi : gusse se chal jane de mai chutiya hu aur tu sale mera bap hai jo bada samajhdar hai
ankur : abe mera muh mat khulwa nahi to teri hi gand mai mirchi lag jayegi, tujhe kya pata ki vah tujhe
itna bhav kyo deta hai
ravi : ha to bata na
ankur : rahne de abhi tu muh phula lega aur uske chakkar mai mujhse bolna band kar dega
ravi : aisi kaun si bat hai mai bhi to janu
ankur : abe chutiye vah tujhe patakar teri didi riya ki moti gand marne ke chakkar mai hai
ravi : ye kya bol raha hai ankur, mere chehre par kathor bhav aa chuke the
ankur : vahi jo tu sun raha hai
ravi : bhosdi ke muh sambhal kar bat kar
ankur : achcha tujhe yakin nahi aa raha na le mai abhi tujhe yakin dila deta hu par ek shart hai
ravi : kya shart
ankur : tu jatin par bilkul bhi gussa nahi hoga aur kal se usse dosti khatam kar lega
ravi : agar teri bat sahi hai to mai usk ma chod dunga
ankur : bas teri yahi gadmari bato ki wajah se mai tujhe koi bat batata nahi hu
ravi : kuch sochte huye, achcha thik hai jaisa tu kahega mai vaisa hi karunga ab bata

ankur : achcha ab chupchap beth aur sun
ankur ne apne cell se jatin ko call kiya aur speakar on kar diya
ankur : hello jatin bhai kaise ho
jatin : bas pyare mai to badhiya hu tu bata aaj kaise mujhe phone laga liya
ankur : are bhai ab kya batau bas pade pade sexy londiyao ko net par dekh raha tha to tumhari yaad aa gai
ki tumne gajab mal pata pata kar chode hai par hamse to ek bhi nahi patti hai
jatin : lode londiya patane ke liye skill honi chahiye
ankur : bhai kahi mera bhi jugad karwa do na
jatin : fokat mai jugad nahi hota pyare mal chodne ke liye mal kharch karna padta hai
ankur : achcha bhai tum to itne expert ho par yah batao aisa koi mal hai jiski gudaj aur moti gand ne tumhe
kaphi samay se pagal kar rakha ho aur tum abhi tak use chhu bhi nahi paye ho
jatin : muskurate huye, abe sale aaj to tune meri dukhti rag par hath rakh diya par chal koi bat nahi bata
deta hu lekin yah bat raj hi rahni chahiye nahi to tu mera nature to janta hai jis par bheja khasak jaye to
phir vah mera bap bhi ho to uski ma chodte mujhe der nahi lagti
ankur : bhai aap ki bat raj rakh kar mujhe marna thode hi hai
jatin : yaar kya batau tujhe tera wo dost hai na ravi uski bahan riya ke bhari chutado ne meri neend uda kar
rakh di hai, uske mote mote chutado mai apna land pelne ke liye mai mara ja raha hu par use patane ka koi
upay samajh nahi aata, jab subah subah vah ravi ke sath college aati hai to uske chutado ki mast thirkan dekh
kar mera land pent fadne ko taiyar ho jata hai, tune dekha hai na uski gudaj aur katil jawani kitni mast hai
uske 38 ke bobe aur 40 ki moti gand ne mera dimag hila kar rakh diya hai, sach kahu jatin wo tera dost ravi to
maha chutiya hai agar uski jagah mai riya ka bhai hota to aisi madmast jawan bahan ko roj puri rat nangi karke
khub kas kas kar uski moti gand aur gulabi chut chodta par kya kare kismat kharab hai

mere chehre par gusse ke bhav the par ankur mujhe bilkul chup rahne ka ishara karta hua usse bat kar raha tha,
aakhir mai ankur ne phone cut kiya aur mai bol pada yar ankur mai iski ma chod dunga bahanchod ki phir uske bad
chahe jo ho
ankur : dekh bhai meri bat dhyan se sun sabse pahli bat to usse duriya bana le aur dusri bat itna gussa karne ki
jarurat nahi hai vah koi akela aisa banda nahi hai jo dusre ki ma bahno ko chodne ki najar se dekhta hai aise
kai log hai ab hum sab ke bare mai to nahi jan sakte na
ravi : yaar mera dimag us ma ke lode ke liye bahut kharab ho raha hai
ankur : chal ab apna mood kharab mat kar, aaj mai tujhe party de deta hu
ravi : muskurate huye kya bat hai lagta hai aaj tu daru saru pilane ke mood mai hai
ankur : abe tere liye daru kya badi bat hai
ravi : lekin yaha tere ghar mai kaise piyege teri mom naraj hogi to
ankur chinta mat kar mere mom dad dono bahar gaye hai kal aayege ab tu bas apne ghar phone karke bata de ki tu
aaj mere yahi soyega

maine turant phone kiya aur riya didi ne phone uthaya vah mujhse 2 sal badi thi isliye mai use didi hi kahta tha,

ravi : di aaj mai ankur ke yahi ruk raha hu tum mom ko bata dena
riya : are ravi tera vah ankur to bigad kar dhul ho gaya hai aur usne tujhe bhi bigad diya hai mai janti hu tum
dono ka pine ka program hoga
ravi : muskurate huye ab janti ho to bolti kyo ho
riya : lagta hai aaj mom ko mai bata hi du ki tu drink karne laga hai
ravi : mushkurate huye, mai janta hu ki tum yah kabhi nahi bataogi, meri sweet darling
riya : mand mand mushkurate huye, chal maska mat laga, tu janta hai ki teri galtiya teri didi kisi ko batati
nahi hai isiliye tu itna bigad gaya hai
ravi : muskurate huye, iska matlab yah hai di ki tumhi ne mujhe bigada hai
riya : maine bigada hai to mai sudharna bhi janti hu
ravi : didi mai to aur bhi bigadta ja raha hu tumhare sath rah rah hkar
riya : kya mai khud bigdi hui hu jo tujhe bigadungi
ravi : mujhe kya pata tum mujhe batati hi kaha ho
riya : oye mai koi bigdi nahi hu vo bhi teri tarah
ravi : haste huye wo to waqt batayega ki tum bigdi ho ya nahi, agar nahi bigdi hogi to mai tumhe bigad dunga
riya : mushkurate huye kyo mujhe bhi apne jaisa banana chahta hai kya,
ravi : ban jao didi phir hum dono mil ke mauj karnge
riya : mand mand mushkurate chal ab jyada bate na bana mujhe nahi karna tere sath mauj, khana kha lena aur
time par college pahuch jana
ravi : ok didi

ankur : ravi tu TV dekh mai 10 minute mai nahakar aata hu,
ravi : abe jaldi aana nahi to mai bor ho jaunga
ankur : ek kam kar jab tak mai nahata hu tab tak tu mere PC par ek family folder hai uske pics dekh
ravi : ha yah thik rahega, tu jaldi naha le mai pine ki bhi vyavshtha jamata hu
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(वक्त का तमाशा running)..
(ज़िद (जो चाहा वो पाया) complete).
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


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Re: DEEWANGI (INCEST) दीवानगी

Post by jay » 21 Feb 2015 15:18

अंकुर के जाने के बाद मैं उसके पीसी पर उसके घर के खिचे हुए फोटो देखने लगा, पर फोटो देखते देखते
अंकुर की मोम को देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया, अंकुर की मोम छोटे कद की लेकिन हेल्थि औरत थी यही
कोई 43 की उमर थी, पर उसके मोटे मोटे दूध और उभरा हुआ पेट गहरी नाभि और फैले हुए भारी चुतडो
ने मेरा लंड खड़ा कर दिया था उसमे कुछ फोटो तो बड़े ही सेक्सी थे जिसमे अंकुर की मोम केवल पेटिकोट और
वाइट कलर की ब्रा ही पहने थी, लेकिन मेरा लंड तब झटके मारने लगा जब मैने अंकुर की मोम को चुस्त
जीन्स और एक पतली सी टी-शर्ट मे देखा, क्या मस्त रंडी नज़र आ रही थी उसके मोटे मोटे दूध लग रहा
था कि टी-शर्ट फाड़ कर बाहर आ जाएगे अंदर उसने ब्रा भी नही पहनी हुई थी और उसके मोटे मोटे चौड़े
चूतड़ उसकी जीन्स मे खूब कसे हुए भरे भरे नज़र आ रहे थे,

पिक्स मे कही कही ही अंकुर और उसके
पापा के फोटो थे बाकी अधिकतर पिक्स उसकी मोम गीता के ही पिक्स थे, मुझसे कुर्सी पर आराम नही मिल रहा
था सो मैने पिक्स देखते हुए बेड पर रखे तकिये को जैसे ही उठाया उसके नीचे रखी गुलाबी कलर की
नेट वाली पैंटी देख कर मैं सोच मे पड़ गया, मैने उस पैंटी को उठा कर उसे फैला कर देखा और सोचने
लगा कि अंकुर के घर मे उसकी मा के अलावा और कोई औरत तो है नही तो फिर यह उसकी मम्मी गीता की ही
पैंटी होगी,

मेरा लंड खड़ा हो गया था और मैं अंकुर की मोम की पैंटी को सुघने लगा और उसे चूमते हुए
अंकुर की मोम की फूली हुई चूत की कल्पना करने लगा, फिर मैने उसकी मोम की पैंटी को फैला कर देखा और
उसकी मोम की गुदाज मोटी गान्ड का अंदाज़ा लगाने लगा, कुछ देर बाद मैने उस पैंटी को वापस तकिये के नीचे
रख दिया और सोचने लगा कि यहाँ अंकुर सोता है तो उसकी मोम की पैंटी उसके तकिये के नीचे क्या कर रही है,
कही अंकुर अपनी मोम की पैंटी को सूँघता तो नही है, इसका मतलब यह हुआ कि अंकुर अपनी मोम को चोदना चाहता
है, नही नही ऐसा कैसे हो सकता है वह उसकी मोम है, मुझे इस बात का पता करना होगा लेकिन कैसे,

मैं बैठा बैठा सोच रहा था तभी मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया क्यो ना मैं फेक आइडी बना कर अंकुर से चॅट
करू, हाँ यह आइडिया मस्त रहेगा इससे पता चल जाएगा कि उसके अंदर इन्सेस्ट वाली फीलिंग है या नही, तभी
अंकुर आ गया और
अंकुर : तू बोर तो नही हुआ
रवि : नही बस तेरे फॅमिली पिक्स के साथ टाइम पास कर रहा था, अंकुर ने ग्लास मे ड्रिंक सर्व किया और हम
दोनो पीने लगे एक एक ग्लास अंदर जाते ही मस्ती आने लगी,
अंकुर : अभी यह बता जतिन के साथ पार्टी मे जाएगा या उसे अवाय्ड कर देगा
रवि : सवाल ही नही उठता उसकी अम्मा को चोदु, साले के उपर गुस्सा तो ऐसा आ रहा था कि साले का गला दबा दू
अंकुर : अबे तू बेकार मे उसकी बातो को माइंड करता है, जैसी बाते वह कर रहा था वैसे बाते ना जाने कितने लोग
करते होंगे, अब आज कल का पहनावा ही ऐसा है कि लड़किया जब जीन्स पहनती है तो उनके मोटे मोटे चूतड़ अलग
ही नज़र आते है,
रवि : बात तो तू सही कह रहा है, हम भी तो कॉलेज की मस्त लोन्डियो के भारी चुतडो पर कॉमेंट्स करते है
अंकुर : सच पूछ तो मुझे तो लोन्डियो के जीन्स मे कसे भारी चूतड़ बहुत ही अच्छे लगते है
रवि : हाँ तू सही कह रहा है लेकिन लड़कियो से भी ज़्यादा मस्त तो उन औरतो के चूतड़ अच्छे लगते है जो 40 50
की होने के बाद भी अपनी मोटी मोटी गान्ड पर जीन्स फसाए घूमती है
अंकुर : हाँ यार यह तो तूने मेरे मन की बात बोल दी, मुझे भी बड़ी उमर की भारी चूतड़ वाली लेडी बहुत पसंद
आती है खास कर जब उन्होने अपने भारी चुतडो पर जीन्स फसा रखी हो

रवि : साला जब तक पूरी एक क्वाटर अंदर नही जाती तब तक मज़ा ही नही आता है
अंकुर : लगता है तुझको चढ़ गई है
रवि : अबे तेरी नशीली बातो ने और भी असर कर दिया है, मैने अपने लंड को अड्जस्ट करते हुए कहा क्यो कि
मुझे तो अंकुर की मोम की जीन्स मे फसे हुए भारी भरकम चूतड़ याद आ रहे थे
रवि : पर यार ऐसी भारी गान्ड वाली औरते ज़्यादा देखने को नही मिलती है

अभी हम बाते करते हुए जाम पर जाम लगा रहे थे तभी मेरा मोबाइल बजा और उस पर रिया दी लिखा हुआ था
मैने अंकुर की ओर देखा और वह मुस्कुराते हुए कहने लगा यार ये तेरी रिया दी को भी तेरे बिना चैन नही
रहता ना जाने तूने क्या जादू किया हुआ है अपनी दीदी पर, मैने अंकुर की बात सुन कर मुस्कुराते हुए फोन
रिसीव किया

रिया : क्या कर रहा है भैया ?
रवि : कुछ नही दी बस तुम्हारी ही बाते कर रहा था
रिया : अंकुर भी वही है
रवि : हाँ सामने बैठा है
रिया : मूह फुलाते हुए, क्या बाते कर रहा था तू मेरे बारे मे
रवि : यही कि मेरी दी बहुत अच्छी है
रिया :गुस्सा दिखाते हुए, रवि झूठ मत बोल सच सच बता
रवि : ओफ्फ दी कुछ नही मैं मज़ाक कर रहा हू
रिया : तू सुबह कॉलेज मे मिल मैं तुझे वही बताती हू, और अच्छा एक बात तो सुन संजू आया था तुझे पूछने
रवि : अच्छा वो गाँव से आ गया मतलब
रिया : चल मैं फोन रखती हू
रवि : ओके

अंकुर : क्या हुआ दीदी गुस्सा थी क्या
रवि : नही यार हम दोनो के बीच ऐसी ही नोक झोंक चलती है
अंकुर : यार तुम दोनो को देख कर कई बार मुझे भी ऐसा लगता है कि काश मेरी भी कोई बहन होती
रवि : अबे इसमे सॅंटी होने की क्या बात है क्या रिया दी तेरी दीदी नही है
अंकुर : हाँ वो बात तो है

उस रात हम पी कर फिर बाहर खाना खाने के लिए होटेल मे गये और फिर देर रात अंकुर के घर पर आ कर सो
गये
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(वक्त का तमाशा running)..
(ज़िद (जो चाहा वो पाया) complete).
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


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(कोई तो रोक लो)
(ननद की ट्रैनिंग compleet)..............( सियासत और साजिश)..........(सोलहवां सावन)...........(जोरू का गुलाम या जे के जी).........(मेरा प्यार मेरी सौतेली माँ और बेहन)........(कैसे भड़की मेरे जिस्म की प्यास)........(काले जादू की दुनिया)....................(वो शाम कुछ अजीब थी)

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jay
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Re: DEEWANGI (INCEST) दीवानगी

Post by jay » 21 Feb 2015 15:19

ankur ke jane ke bad mai uske pc par uske ghar ke khiche huye photo dekhne laga, par photo dekhte dekhte
ankur ki mom ko dekh kar mera land khada ho gaya, ankur ki mom chhote kad ki lekin healthy aurat thi yahi
koi 43 ki umar thi, par uske mote mote doodh aur ubhara hua pet gahri nabhi aur phaile huye bhari chutado
ne mera land khada kar diya tha usme kuch photo to bade hi sexy the jisme ankur ki mom keval petikot aur
white color ki bra hi pahne thi, lekin mera land tab jhatke marne laga jab maine ankur ki mom ko chust
jeans aur ek patli si tshirt mai dekha, kya mast randi najar aa rahi thi uske mote mote doodh lag raha
tha ki tshirt fad kar bahar aa jayege andar usne bra bhi nahi pahni hui thi aur uske mote mote chaude
chutad uski jeans mai khub kase huye bhare bhare najar aa rahe the,

pics mai kahi kahi hi ankur aur uske
papa ke photo the baki adhiktar pics uski mom gita ke hi pics the, mujhse kursi par aaram nahi mil raha
tha so maine pics dekhte huye bed par rakhe takiye ko jaise hi uthaya uske niche rakhi gulabi color ki
net wali panty dekh kar mai soch mai pad gaya, maine us panty ko utha kar use phaila kar dekha aur sochne
laga ki ankur ke ghar mai uske ma ke alawa aur koi aurat to hai nahi to phir yah uski mummy gita ki hi
panty hogi,

mera land khada ho gaya tha aur mai ankur ki mom ki panty ko sughne laga aur use chumte huye
ankur ki mom ki phuli hui chut ki kalpna karne laga, phir maine uski mom ki panty ko phaila kar dekha aur
uski mom ki gudaj moti gand ka andaja lagane laga, kuch der bad maine us panty ko vapas takiye ke niche
rakh diya aur sochne laga ki yaha ankur sota hai to uski mom ki panty uske takiye ke niche kya kar rahi hai,
kahi ankur apni mom ki panty ko sunghta to nahi hai, iska matlab yah hua ki ankur apni mom ko chodna chahta
hai, nahi nahi aisa kaise ho sakta hai va uski mom hai, mujhe is bat ka pata karna hoga lekin kaise,

mai betha betha soch raha tha tabhi mere dimag mai ek idea aaya kyo na mai fake id bana kar ankur se chat
karu, ha yah idea mast rahega isse pata chal jayega ki uske andar incest wali feeling hai ya nahi, tabhi
ankur aa gaya aur
ankur : tu bor to nahi hua
ravi : nahi bas tere family pics ke sath timepass kar raha tha, ankur ne glass mai drink serve kiya aur hum
dono pine lage ek ek glass andar jate hi masti aane lagi,
ankur : abhi yah bata jatin ke sath party mai jayega ya use avoid kar dega
ravi : sawal hi nahi uthta uski amma ko chodu, sale ke upar gussa to aisa aa raha tha ki sale ka gala daba du
ankur : abe tu bekar mai uski bato ko mind karta hai, jaisi bate vah kar raha tha vaise bate na jane kitne log
karte honge, ab aaj kal ka pahnawa hi aisa hai ki ladkiya jab jeans pahanti hai to unke mote mote chutad alag
hi najar aate hai,
ravi : bat to tu sahi kah raha hai, hum bhi to college ki mast londiyo ke bhari chutado par comments karte hai
ankur : sach puch to mujhe to londiyo ke jeans mai kase bhari chutad bahut hi achche lagte hai
ravi : ha tu sahi kah raha hai lekin londiyo se bhi jyada mast to un aurto ke chutad achche lagte hai jo 40 50
ki hone ke bad bhi apni moti moti gand par jeans fasaye ghumti hai
ankur : ha yar yah to tune mere man ki bat bol di, mujhe bhi badi umar ki bhari chutado wali lady bahut pasand
aati hai khas kar jab unhone apne bhari chutado par jeans fasa rakhi ho

ravi : sala jab tak puri ek quater andar nahi jati tab tak maja hi nahi aata hai
ankur : lagta hai tujhko chadh gai hai
ravi : abe teri nashili bato ne aur bhi asar kar diya hai, maine apne land ko adjust karte huye kaha kyo ki
mujhe to ankur ki mom ke jeans mai fase huye bhari bharkam chutad yaad aa rahe the
ravi : par yaar aisi bhari gand wali aurte jyada dekhne ko nahi milti hai

abhi hum bate karte huye jam par jam laga rahe the tabhi mera mobile baja aur us per riya di likha hua tha
maine ankur ki aur dekha aur vah muskurate huye kahne laga yaar ye teri riya di ko bhi tere bina chai nahi
rahta na jane tune kya jadu kiya hua hai apni didi par, maine ankur ki bat sun kar muskurate huye phone
recieve kiya

riya : kya kar raha hai bhaiya ?
ravi : kuch nahi di bas tumhari hi bate kar raha tha
riya : ankur bhi vahi hai
ravi : ha samne betha hai
riya : muh fulate huye, kya bate kar raha tha tu mere bare mai
ravi : yahi ki meri di bahut achchi hai
riya :gussa dikhate huye, ravi jhuth mat bol sach sach bata
ravi : off di kuch nahi mai majak kar raha hu
riya : tu subah college mai mil mai tujhe vahi batati hu, aur achcha ek bat to sun sanju aaya tha tujhe puchne
ravi : achcha wo ganv se aa gaya matlab
riya : chal mai phone rakhti hu
ravi : ok

ankur : kya hua didi gussa thi kya
ravi : nahi yar hum dono ke beech aisi hi nok jhonk chalti hai
ankur : yar tum dono ko dekh kar kai bar mujhe bhi aisa lagta hai ki kash meri bhi koi bahan hoti
ravi : abe isme santy hone ki kya bat hai kya riya di teri didi nahi hai
ankur : ha wo bat to hai

us rat hum pi kar phir bahar khana khane ke liye hotel mai gaye aur phir der rat ankur ke ghar par aa kar so
gaye
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(ज़िन्दगी एक सफ़र है बेगाना running.......).
(वक्त का तमाशा running)..
(ज़िद (जो चाहा वो पाया) complete).
(दास्तान ए चुदाई (माँ बेटी बेटा और किरायेदार ) complete) .. (सातवें साल की खुजली complete)
(एक राजा और चार रानियाँ complete).............(माया complete...)-----(तवायफ़ complete).............
(मेरी सेक्सी बहनें compleet)........(दोस्त की माँ नशीली बहन छबीली compleet)............(माँ का आँचल और बहन की लाज़ compleet)..........(दीवानगी compleet )....... (मेरी बर्बादी या आबादी (?) की ओर पहला कदमcompleet)........(मेले के रंग सास,बहू और ननद के संग)........


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(ननद की ट्रैनिंग compleet)..............( सियासत और साजिश)..........(सोलहवां सावन)...........(जोरू का गुलाम या जे के जी).........(मेरा प्यार मेरी सौतेली माँ और बेहन)........(कैसे भड़की मेरे जिस्म की प्यास)........(काले जादू की दुनिया)....................(वो शाम कुछ अजीब थी)

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